Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"बिगड़ैल हैं ये यादे, देर रात को टहलने निकलती हैं। "

"उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और, ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे। "

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं, और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता। "

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi  गुलज़ार शायरी हिंदी में

हम तो अब याद भी नहीं करते, आप को हिचकी लग गई कैसे? "

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"रोई है किसी छत पे, अकेले ही में घुटकर, उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश। "

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं, रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं।"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा, इसका शायद कोई हल नहीं हैं।"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं, हम भूल गए हैं रख के कहीं।"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती, जब तक ख़ुद पर ना गुजरे।"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको, क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया?"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"बेहिसाब हसरते ना पालिये, जो मिला हैं उसे सम्भालिये।"

Shayari by Gulzar Sahab #2 Hindi गुलज़ार शायरी हिंदी में

"शोर की तो उम्र होती हैं, ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं।"