नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना

Navratri नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना, अखंड ज्योत क्या हे नियम जानिए

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दोस्तो मां अंबे आपको नवरात्र के पावन अवसर पर आप सभी पर कृपा बरसाए आज नवरात्र का पहला दिन है इससे घट स्थापना दिन अभिजीत मुहूर्त दिन या फिर कलश स्थापना दिन भी कहा जाता है और इस दिन नवरात्र के 9 दिनों के लिए मां अंबे की अखंड ज्योत जलाई जाती है।

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना घटस्थापना की जाती है इसके लिए शुभ मुहूर्त देखकर घटस्थापना और अखंड ज्योत जलाई जाती है।

इस वर्ष 2021 में शेरी गरबे की अनुमति दी गई है हर सोसाइटी जॉब गांव में छोटी छोटी गलियों में नवरात्र कम लोगों को इकट्ठा होकर के और सभी कोरोना के नियमों का पालन करके नवरात्र का पर्व मनाया जाता है।

नवरात्र के कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है सूर्य दो से लेकर सुबह 9:00 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है इसके बाद मध्याह्न यानी दोपहर में 11:30 बजे से लेकर के 12:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना शुभ कारक रहेगा।

प्रतिपदा का योग रात्रि 12:06 तक है खड़ा स्थापना शैलपुत्री माता की पूजा अर्चना की जाती है। घट स्थापना कैसे की जाती है पूरी विधि जानीए।

  • नवरात्र के दिन सबसे पहले उठकर के दैनिक प्रिया नहाकर
  • बाद में कलश विधि के लिए पूजा घर में सामग्री के लिए तैयार रहें।
  • मिट्टी के घड़े का आयोजन करें और बीच में पवित्र लाल धागा बांधे
  • अब कलश को मिट्टी और अनाज के बीच की परख से भरिए जिससे आपको स्वास्थ्य और परिवार कल्याण में माता अंबे गौरी शंकर से कृपा मिलेगी।

नवरात्रि महोत्सव में सारे गुजरात और भारत देश में बड़े पैमाने पर 9 दिन धूमधाम से पर्व मनाया जाता है।

माँ अंबा भवानी मंत्र-

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
नवार्ण मंत्र – ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’

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